राघव चड्ढा ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों का दिया जबाव, कहा- तीनों आरोप सरासर झूठे हैं, जानें कौन-कौन सा इल्जाम
नई दिल्ली। कुछ दिनों पहले आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्यसभा में राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटा दिया है। ऐसे में राघव चड्ढा ने वीडियो जारी कर दावा किया कि उनके खिलाफ एक सुनियोजित अभियान चल रहा है। उन्होंने कहा कि उन पर तीन आरोप लगाए गए हैं और तीनों सरासर झूठे हैं। उन्होंने कहा कि मैं संसद में शोर मचाने नहीं जनता के मुद्दों को उठाने गया था।
क्या बोले राघव चड्ढा
आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि- कल से मेरे खिलाफ एक सुनियोजित अभियान चल रहा है। वही भाषा, वही शब्द, वही आरोप। यह कोई संयोग नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हमला है। पहले तो मैंने सोचा कि मुझे जवाब नहीं देना चाहिए। फिर मैंने सोचा कि अगर झूठ को सौ बार दोहराया जाए, तो शायद कुछ लोग उस पर विश्वास कर लें। इसलिए मैंने जवाब देने का फैसला किया। आम आदमी पार्टी ने तीन आरोप लगाए हैं और कहा है कि इन तीन आरोपों के कारण वे राघव चड्ढा को संसद में बोलने का मौका नहीं देंगे। पहला आरोप यह है कि जब विपक्ष संसद से वॉकआउट करता है, तो राघव चड्ढा वहीं बैठे रहते हैं। वे वॉकआउट नहीं करते। यह सरासर झूठ है। दूसरा आरोप यह है कि राघव चड्ढा ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव, उन्हें हटाने की याचिका पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। यह भी एक सरासर झूठ है। आम आदमी पार्टी के किसी भी नेता ने मुझसे इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने के लिए नहीं कहा- न औपचारिक रूप से और न ही अनौपचारिक रूप से। और राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के कुल 10 सांसद हैं, जिनमें से छह या सात ने खुद प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए। तो इसमें मेरी क्या गलती है? सारा दोष मुझ पर डाला जा रहा है? मैं संसद में शोर मचाने, चिल्लाने, माइक्रोफोन तोड़ने या गाली देने नहीं गया था। मैं वहां जनता के मुद्दों को उठाने गया था।