रश्मिका और विजय सात जन्म के बंधन में बंधे! ऐक्ट्रस ने पति के बोलीं- मैं इस शख्स पर एक किताब लिख सकती हूं...
नई दिल्ली। विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना एक-दूजे के हो गए हैं। दोनों ने आज उदयपुर में शादी कर ली है। अब कपल ने शादी की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए फैंस के साथ शेयर की हैं। जिसके बाद अब सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा है।
मुझे सिखाया कि सच्चा प्यार कैसा होता है
बता दें कि रश्मिका मंदाना ने सोशल मीडिया पर शादी की फोटोज साझा की हैं। साथ ही विजय के लिए एक प्यार भरा नोट लिखा है। उन्होंने लिखा कि हैलो मेरे प्रियजनों। आपको अपने पति से मिलवाती हूं। मिस्टर विजय देवरकोंडा! एक्ट्रेस ने आगे लिखा कि वह शख्स, जिसने मुझे सिखाया कि सच्चा प्यार कैसा होता है? वह शख्स, जिसने मुझे दिखाया कि सुकून से रहना कैसा होता है! वह शख्स, जिसने मुझे हर दिन कहा कि बड़े सपने देखना बिल्कुल ठीक है और लगातार मुझसे कहा कि मैं उससे कहीं ज्यादा हासिल कर सकती हूं, जितना मैं सोच भी नहीं सकती।
मैं सच में खुशकिस्मत हूं
रश्मिका आगे लिखा कि वह शख्स, जिसने मुझे कभी ऐसे नाचने से नहीं रोका जैसे कोई देख नहीं रहा हो। वह शख्स, जिसने मुझे दिखाया कि दोस्तों के साथ घूमना सबसे अच्छी चीज है और यकीन मानिए मैं इस शख्स पर एक किताब लिख सकती हूं। मैं वह स्त्री बन गई हूं, जिसका मैंने हमेशा सपना देखा था, क्योंकि तुमने उसे वो बनाया जो वो आज है! मैं सच में खुशकिस्मत हूं। विज्जू, तुम्हारे लिए मेरी फीलिंग्स बताने के लिए मेरे पास हमेशा शब्द कम पड़ जाते हैं। मैंने हमेशा तुमसे यही कहा है।
साथ में सबसे अच्छी जिंदगी जीते हैं
एक्ट्रेस ने लिखा कि लेकिन तुम्हें पता है अचानक मेरी सारी अचीवमेंट्स, स्ट्रगल्स, खुशी, दुख, आनंद, जिंदगी...सब कुछ अब बहुत ज्यादा समझ में आने लगा है, ऐसा इसलिए है क्योंकि मेरे पास तुम हो। यह सब देख रहे हो। मैं तुम्हारी पत्नी बनने के लिए बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत एक्साइटेड हूं। तुम्हारी पत्नी बनने के लिए! तुम्हारी पत्नी कहलाने के लिए। अब पार्टी का टाइम है। चलो साथ में सबसे अच्छी जिंदगी जीते हैं। आई लव यू।
मैंने अपनी सबसे अच्छी दोस्त को हमसफर बना लिया
हालांकि विजय देवरकोंडा ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रश्मिका के लिए दिल छू लेने वाला नोट लिखा है। उन्होंने लिखा कि एक दिन, मुझे उसकी बहुत याद आई। मुझे उसकी इतनी याद आई कि मुझे लगा कि अगर वह आस-पास होती तो मेरा दिन कितना खुशनुमा होता। जैसे अगर वह मेरे सामने बैठी होती तो मुझे खाना ज्यादा लजीज लगता। जैसे अगर वह मेरे साथ वर्कआउट करती तो मेरा वर्कआउट ज्यादा बेहतर और कम सजा वाला होता। यूं लगा कि मुझे उसकी बहुत जरूरत महसूस थी। यह सब सिर्फ बस घर जैसा और सुकून महसूस करने के लिए था, चाहे मैं कहीं भी रहूं। तो, मैंने अपनी सबसे अच्छी दोस्त को अपना हमसफर बना लिया है। मेरी पत्नी। 26.02.2026, यह यादगार दिन रहेगा।