राष्ट्रपति ने की श्रीराम यंत्र की स्थापना, वैदिक आचार्यों ने सम्पन्न करवाया पूजन

Update: 2026-03-19 06:48 GMT

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज अयोध्या के राम मंदिर के दौरे पर हैं। जहां राष्ट्रपति ने हिन्दू नववर्ष (विक्रम संवत 2083) और चैत्र नवरात्रि के  दिन श्रीराम यंत्र की स्थापना कर दी है। समारोह का साक्षी बनने के लिए करीब सात हजार मेहमान मौजूद रहे। वैदिक मंत्रों के बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राम मंदिर के द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की पूजन के बाद स्थापना की। वैदिक आचार्यों ने पूजन सम्पन्न करवाया। श्रीराम यंत्र की स्थापना मंदिर के द्वितीय तल पर की गई है।

7,000 विशिष्ट मेहमान शामिल हुए

इस भव्य समारोह में देशभर से आए लगभग 7,000 विशिष्ट मेहमान शामिल हुए। श्रीराम यंत्र पूजन के विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, सदस्य जगद्गुरु विश्व प्रसन्न तीर्थ और तीन आचार्य उपस्थित रहें। साथ ही संत, विद्वान, मंदिर निर्माण से जुड़े करीब 2,000 श्रमिक और 1984 से 2000 के बीच राम मंदिर आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ता भी शामिल रहें।

श्रीराम यंत्र का क्या है महत्व

यह यंत्र कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य स्वामी विजयेंद्र सरस्वती द्वारा तैयार किया गया है। इसमें भगवान राम के अनेक वैदिक और बीज मंत्र अंकित हैं, जिसे आध्यात्मिक ऊर्जा के संचार के लिए स्थापित किया गया।

राष्ट्रपति ने की श्रीराम यंत्र की स्थापना, तीन आचार्य रहे मौजूद

बता दें कि राष्ट्रपति ने पूरे विधि-विधान से श्रीराम यंत्र की स्थापना में भाग लिया। इस दौरान इस विशेष अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, सदस्य जगद्गुरु विश्व प्रसन्न तीर्थ और तीन आचार्य उपस्थित रहे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने श्रीराम यंत्र का पूजन भी किया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर के द्वितीय तल पर राम दरबार के दर्शन किए और आरती उतारी। इसके बाद श्रीराम यंत्र का पूजन किया।






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