मौसम ने ली करवट, कहीं बदरेंगे बरसा तो कहीं ओलावृष्टि के आसार, किसानों के फसल पर पड़ा असर...
दिल्ली-एनसीआर में बारिश की वजह से तापमान में गिरावट देखने को मिली है।
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों मौसम बदलाव आ गया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण लगातार बादल छाए रहेंगे। तेज हवाएं चलने के साथ कई जगहों पर बारिश के साथ ओलावृष्टि भी होने के भी आसार हैं। वहीं दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम का मिजाज बदला नजर आ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में आज यानी रविवार को बादल छाए रहने के संभावना है। शाम तक कई हिस्सों में बादल गरजने के आसार हैं।
इन जगहों पर ओलावृष्टि की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी, तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं, जबकि किसानों को फसलों के नुकसान का खतरा बढ़ गया है।
दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज
दिल्ली-एनसीआर में बारिश की वजह से तापमान में गिरावट देखने को मिली है। दिल्ली में रविवार (5 अप्रैल) सुबह 6 बजे तापमान 19 डिग्री सेल्सियस (66.2°F) दर्ज किया गया। सुबह का मौसम खिली धूप वाली है। बारिश की संभावना 0%, नमी 73% और हवा की रफ्तार 5 किमी प्रति घंटा है।
दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान 30 डिग्री, जबकि न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। इसके साथ ही आने वाले दिनों में दिल्ली और एनसीआर के मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में एक्यूआई का स्तर
वहीं, वायु गुणवत्ता की बात करें तो एनसीआर में प्रदूषण का स्तर भी मध्यम से खराब श्रेणी में बना हुआ है। दिल्ली के आनंद विहार क्षेत्र में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 250 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। अशोक विहार में एक्यूआई 180, बवाना में 143, चांदनी चौक में 156 और कैंटोनमेंट क्षेत्र में 193 दर्ज किया गया है। नोएडा के विभिन्न सेक्टरों में भी वायु गुणवत्ता मध्यम से खराब स्तर पर बनी हुई है।
किसानों के लिए चिंता
मौसम विभाग के अनुसार यह अस्थिर स्थिति 8 अप्रैल तक बनी रह सकती है, जिससे आम जनजीवन के साथ ही किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। मौसम विभाग के मुताबिक दिनभर आसमान में बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। गेहूं और सरसों की खड़ी फसलें तेज हवाओं और ओलों की मार से प्रभावित हुई हैं, जिससे उत्पादन में गिरावट की आशंका जताई जा रही है। किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।