LPG की किल्लत से मिलेगी राहत! इंडक्शन को लेकर सरकार का नया प्लान, जानें क्या...

सरकार सोच रही है कि आम नागरिकों को गैस सिलेंडर की कमी से परेशानी नहीं होऔर बाजार में 'इलेक्ट्रिक कुकिंग' यानी इंडक्शन का विकल्प आसानी से मिल सके

By :  Aryan
Update: 2026-04-07 10:30 GMT

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी जंग के कारण भारत में रसोई गैस की किल्लत हो रही है। इसे देखते हुए लोगों के हित में सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। जानाकारी के मुताबिक, सरकार ने सभी इंडक्शन कंपनियों को छूट देते हुए इंडक्शन पर स्टार लेबलिंग नियमों की समयसीमा को 6 महीने के लिए आगे बढ़ा दिया गया है।

ईंधन का विकल्प मौजूद हो

दरअसल, सरकार सोच रही है कि आम नागरिकों को गैस सिलेंडर की कमी से परेशानी नहीं हो और बाजार में 'इलेक्ट्रिक कुकिंग' यानी इंडक्शन का विकल्प आसानी से मिल सके। अब स्टार लेबलिंग के नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे। इस छूट का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बाजार में इंडक्शन की कमी नहीं होगी और कंपनियों को अच्छी और सस्ती तकनीक विकसित करने का समय मिल जाएगा। आइए जानते हैं कि सरकार के इस फैसले का आपलोगों के रसोई पर क्या असर पड़ने वाला है..

सरकार ने फैसला लिया

 सरकार ने इंडक्शन चूल्हों पर 'स्टार लेबलिंग' (Star Labeling) नियम लागू करने की तारीख आगे बढ़ा दी है।

 पहले यह नियम शीघ्र ही लागू होने वाला था, लेकिन अब इसे 1 जनवरी 2027 तक टाल दिया गया है।

 अब कंपनियों के पास 6 महीने अधिक का समय है कि वे अपने इंडक्शन को नए सरकारी मानकों के हिसाब से तैयार कर सकें।

स्टार लेबलिंग से मिलेगा यह फायदा

जैसे फ्रिज अथवा एसी पर 1-स्टार से 5-स्टार तक के स्टीकर लगे होते हैं, वैसे ही अब इंडक्शन पर भी होंगे।

इससे आपको पता चलेगा कि कौन सा इंडक्शन कम बिजली खाएगा।

 5-स्टार वाला इंडक्शन सबसे कम बिजली खर्च करेगा और आपके पैसे बचाएगा।

 लोग ईंधन के अन्य विकल्प का उपयोग करें

 दरअसल फिलहाल पश्चिम एशिया में तनाव चल रहा है, जिससे भारत में LPG की सप्लाई में दिक्कत आ सकती है।

 सरकार का कहना है कि लोग गैस सिलेंडर के बजाय बिजली वाले चूल्हे मतलब इंडक्शन का ज्यादा इस्तेमाल करें।

 नियमों में छूट देने से बाजार में इंडक्शन की कमी नहीं होगी और कंपनियों को बेहतर क्वालिटी के चूल्हे बनाने का समय मिल जाएगा।


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