उडुपी ने एक नए शासन मॉडल की नींव रखी.. संबोधन में बोले पीएम मोदी

Update: 2025-11-28 07:45 GMT

उडुपी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उडुपी पहुंचे है। जहां उन्होंने लक्ष कंठ गीता पारायण के दौरान छात्रों, भिक्षुओं, विद्वानों और विभिन्न क्षेत्रों के नागरिकों सहित 100,000 से अधिक प्रतिभागियों के साथ मिलकर भगवद् गीता का पाठ किया। जिसके बाद पीएम मोदी ने सभी को संबोधित किया। पीएम ने कहा उडुपी ने एक नए शासन मॉडल की नींव रखी है।

क्या बोले पीएम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, उडुपी आना मेरे लिए बहुत खास है। उडुपी जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के सुशासन मॉडल की कर्मभूमि रही है। 1968 में उडुपी की जनता ने जनसंघ के वी.एस. आचार्य को उडुपी नगर निगम के लिए चुना था। इसके साथ ही उडुपी ने एक नए शासन मॉडल की नींव रखी।

भगवद्गीता हमें सिखाती है कि शांति और सत्य की स्थापना 

पीएम मोदी ने कहा, श्री कृष्ण ने युद्ध के मैदान में गीता का उपदेश दिया था। भगवद्गीता हमें सिखाती है कि शांति और सत्य की स्थापना के लिए अत्याचारी का अंत करना आवश्यक है। यही राष्ट्रीय सुरक्षा नीति का सार है। पहले की सरकारें आतंकी हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई नहीं करती थीं, लेकिन ये नया भारत है। हम शांति स्थापित करना जानते हैं और उसकी रक्षा भी करते हैं।

'सबका साथ, सबका विकास', की नीतियां भगवान श्री कृष्ण के श्लोकों से है प्रेरित

पीएम मोदी ने इस दौरान कहा, 'यहां आने से तीन दिन पहले मैं अयोध्या में था। 25 नवंबर को विवाह पंचमी के पावन दिन अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में धर्म ध्वजा की स्थापना हुई है। राम मंदिर आंदोलन में उडुपी की भूमिका कितनी बड़ी है सारा देश इसे जानता है।' उन्होंने कहा, 'आज हमारी 'सबका साथ, सबका विकास', 'सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय' की नीतियां भगवान श्री कृष्ण के इन श्लोकों से प्रेरित हैं। भगवान श्री कृष्ण हमें गरीबों की मदद करने का मंत्र देते हैं और इसी मंत्र की प्रेरणा आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं का आधार बनती है। भगवान श्री कृष्ण हमें महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण का ज्ञान सिखाते हैं और इन्हीं की प्रेरणा से देश नारी शक्ति वंदन अधिनियम का ऐतिहासिक फैसला लेता है।'

देश ने ऑपरेशन सिंदूर की कार्रवाई में हमारा संकल्प देखा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, श्री कृष्ण ने युद्ध की भूमि पर गीता का संदेश दिया था और भगवत गीता हमें सिखाती है कि शांति और सत्य की स्थापना के लिए अत्याचारियों का अंत भी जरूरी है। हम लाल किले की प्राचीर से श्री कृष्ण की करुणा का संदेश देते हैं और उसी प्राचीर से हम मिशन सुदर्शन चक्र का भी उद्घोष करते हैं। देश ने ऑपरेशन सिंदूर की कार्रवाई में हमारा संकल्प देखा है। हम शांति स्थापित करना भी जानते हैं और शांति की रक्षा करना भी जानते हैं।

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