Mobile Data Plans के नाम पर लूटे जा रहे हैं यूजर्स, राघव चड्ढा ने संसद में उठाया मुद्दा! कहा- बचा हुआ इंटरनेट का डेटा अगले दिन रोलओवर होना चाहिए....
राघव चड्ढा ने कहा कि दुनिया के कई देशों अमेरिका, यूरोप, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया में डेटा रोलवोर किया जाता है। उन्होंने कहा कि एक मांग और भी है कि जैसे हम एक दूसरे के फोन में पैसा ट्रांसफर करते हैं वैसे ही डेटा ट्रांसफर करने भी प्रावधान होना चाहिए।
नई दिल्ली। AAP पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि आज संसद में ‘जीरो आवर’ के दौरान मोबाइल डेटा का मुद्दा उठाया। दरअसल राघव चड्ढा ने कहा कि यूजर्स के लिए मोबाइल डेटा को रोलओवर की सुविधा होनी चाहिए। इतना ही नहीं उन्होंने यूजर्स के बीच मोबाइल डेटा ट्रांसफर पर बात की। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा देश के सभी नागरिकों से जुड़ा हुआ है।
12 बजते ही डेटा हो जाता है एक्सपायर
राघव ने बताया कि अपने प्लान के मुताबिक हर दिन की डेली डेटा लिमिट मिलती है, जो डेढ़, दो जीबी के रूप में होती है। लेकिन जैसे ही रात 12 बजते हैं जितना बचा हुआ डेटा है वो भी एक्सपायर हो जाता है। उसे अगले दिन के लिए कैरी फॉरवर्ड नहीं किया जा सकता है। राघव चड्ढा ने कहा कि आपसे पैसा तो पूरे डेटा का लिया जाता है लेकिन जितना बचा हुआ डेटा है वो कंपनियां खुद सेव कर लेती हैं। यह बिल्कुल गलत है।
पेट्रोल का उदाहरण पेश किया
राघव ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह से महीने का पेट्रोल भराने पर यदि 15 में से 5 लीटर पेट्रोल बचा रह जाता है तो पेट्रोल पंप का मालिक तो ये नहीं कहता कि बचा हुआ 5 लीटर का पेट्रोल वापस कर दो। जिस तरह से आप पूरा पेट्रोल इस्तेमाल करेंगे ठीक उसी तरह से डेटा को भी पूरी तरह से इस्तेमाल करने का भी अधिकार है। उन्होंने कहा कि इसलिए डेटा रोल ओवर की भी अनुमति दी जानी चाहिए।
इन देशों में रोलओवर किया जाता है डेटा
उन्होंने कहा कि जो एक दिन के डेटा को इस्तेमाल नहीं कर पाए हैं वो अगले दिन के डेटा लिमिट में जुड़ जाना चाहिए। दुनिया के कई देशों अमेरिका, यूरोप, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया में डेटा रोलवोर किया जाता है। उन्होंने कहा कि एक मांग और भी है कि जैसे हम एक दूसरे के फोन में पैसा ट्रांसफर करते हैं वैसे ही डेटा ट्रांसफर करने भी प्रावधान होना चाहिए।