सर्दियों में पीरियड्स के दौरान क्यों बढ़ता है दर्द, जानें दर्द कम करने के उपाय
ठंड के कारण शरीर की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं। इससे गर्भाशय (uterus) तक रक्त का प्रवाह कम हो जाता है, जिससे गर्भाशय को अपनी परत को बाहर निकालने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिसके परिणामस्वरूप गहरा और तेज दर्द होता है।
मांसपेशियों में अकड़न
ठंड के मौसम में मांसपेशियां सख्त और कम लचीली हो जाती हैं, जिससे ऐंठन (cramps) अधिक तीव्रता से महसूस होती है।
विटामिन-D की कमी
सर्दियों में धूप कम मिलने के कारण शरीर में विटामिन-D का स्तर गिर जाता है, जिससे हार्मोनल असंतुलन और मूड स्विंग्स बढ़ सकते हैं।
शारीरिक गतिविधि में कमी
ठंड में लोग कम सक्रिय रहते हैं। शारीरिक हलचल कम होने से शरीर में रक्त का संचार धीमा हो जाता है, जो दर्द को बढ़ा सकता है।
हार्मोनल बदलाव
सूरज की रोशनी कम होने से सेरोटोनिन (serotonin) जैसे 'हैप्पी हार्मोन्स' का स्तर कम हो जाता है, जिससे दर्द सहने की क्षमता कम हो सकती है।
दर्द कम करने के कुछ उपाय
सिकाई करें
पेट के निचले हिस्से या कमर पर गर्म पानी की बोतल (hot water bag) से सिकाई करने से मांसपेशियों को आराम मिलता है।
गर्म तरल पदार्थ
अदरक, हल्दी या गुनगुने पानी का सेवन करें।
सक्रिय रहें
हल्की सैर या योग (जैसे कैट-काऊ पोज़) करें।
कैफीन से बचें
चाय, कॉफी या चॉकलेट का सेवन कम करें क्योंकि ये दर्द को ट्रिगर कर सकते हैं।