बसंत पंचमी पर हर तरफ पीला रंग ही क्यों दिखता है, जानें इसके पीछे का रहस्य

Update: 2026-01-20 02:30 GMT

नई दिल्ली। बसंत पंचमी, जिसे श्री पंचमी या ज्ञान पंचमी भी कहा जाता है, बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक पर्व है। इस दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है, जिन्हें ज्ञान, कला, संगीत और विद्या की देवी माना जाता है। बसंत पंचमी पर पीले कपड़े पहनने की परंपरा बहुत पुरानी है। वसन्त पंचमी पर पीले रंग का विशेष महत्व है और हर तरफ यह रंग दिखने के पीछे कई गहरे धार्मिक, प्राकृतिक और मनोवैज्ञानिक कारण हैं।

प्रकृति का बदलाव

वसंत ऋतु के आगमन के साथ ही खेतों में सरसों की फसल लहलहाने लगती है और चारों ओर पीले फूल खिल जाते हैं। यह पीला रंग प्रकृति की जीवंतता और नई शुरुआत का प्रतीक है।

सरस्वती माता का प्रिय रंग

वसंत पंचमी विद्या की देवी मां सरस्वती का जन्मोत्सव है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पीला रंग उन्हें अत्यंत प्रिय है। यही कारण है कि भक्त इस दिन पीले वस्त्र पहनते हैं और उन्हें पीले फूल व पीले मीठे चावल अर्पित करते हैं।

ज्ञान और ऊर्जा का प्रतीक

हिंदू धर्म में पीला रंग शुद्धता, प्रकाश और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। यह रंग सूर्य की किरणों जैसा होता है, जो अज्ञानता के अंधकार को दूर कर ज्ञान का संचार करता है।

सुख-समृद्धि का प्रतीक

पीला रंग समृद्धि और सौभाग्य का सूचक माना जाता है। बसंत पंचमी के दिन पीले रंग का प्रयोग जीवन में खुशहाली और सकारात्मकता लाने की कामना के लिए किया जाता है। इस दिन लोग न केवल पीले कपड़े पहनते हैं, बल्कि भोजन में भी बेसन के लड्डू या केसरिया भात (पीले चावल) जैसे पकवानों को शामिल करते हैं।

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