जंगलों में बसा है महिलाओं का एक अनोखा देश! जहां नहीं रहता एक भी पुरुष, इन शर्तों पर होती है पुरुष पर्यटकों की एंट्री

Update: 2026-01-23 10:00 GMT

नई दिल्ली। यह अनोखा स्थान केन्या के सांबुरु जिले में स्थित उमोजा गांव है। उमोजा का अर्थ स्वाहिली भाषा में एकता होता है। इस गांव की स्थापना 1990 में रेबेका लोलोसोली ने की थी। यह गांव उन महिलाओं के लिए एक सुरक्षित आश्रय स्थल है जो घरेलू हिंसा, बाल विवाह या अन्य सामाजिक कुरीतियों का शिकार हुई हैं। 2015 में गांव में महिलाओं की संख्या 47 थी।

पुरुषों के प्रवेश पर प्रतिबंध

गांव में पुरुषों का रहना पूरी तरह से वर्जित है। यहां केवल महिलाएं और उनके बच्चे ही रह सकते हैं। पुरुष पर्यटक इस गांव को देखने आ सकते हैं, लेकिन वे वहां रात नहीं बिता सकते और उन्हें गांव के कड़े नियमों का पालन करना पड़ता है। यहां की महिलाएं खुद ही गांव का शासन चलाती हैं और आजीविका के लिए पारंपरिक आभूषण बनाकर पर्यटकों को बेचती हैं।

कैसे बसा महिला प्रधान गांव

इस गांव की शुरुआत 15 दुष्कर्म पीड़ित महिलाओं ने साल 1990 में की थी, लेकिन बाद में यहां पर बाल विवाह, खतना प्रथा, घरेलू हिंसा की शिकार औरतें भी रहने लगीं। यहां औरतें खाने, कपड़े और घर के लिए नियमित आय की व्यवस्था कर लेती हैं। इसके अलावा पर्यटक मामूली फीस देकर उमोजा की सैर करते हैं।

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