भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर अखिलेश यादव की कड़ी आलोचना! बोले- अमेरिका के साथ 'समझौता' नहीं, एक 'ढील' हुई है...

Update: 2026-02-04 06:03 GMT

नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की कड़ी आलोचना करते हुए इसे देश की 70% किसान आबादी के साथ विश्वासघात करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए भारतीय बाज़ार खोलकर देश की खेती-किसानी को विदेशी हितों के सामने सौंप दिया है।

क्या बोले अखिलेश

अखिलेश यादव ने कहा कि अमेरिका के साथ हुआ समझौता कोई 'समझौता' नहीं, बल्कि एक 'ढील' है। हमने अपना पूरा बाज़ार उन्हें सौंप दिया है। सनातनियों को सोचना होगा कि उनका व्रत 'सनातन' कैसे बना रहेगा। अगर दूध और डेयरी उत्पाद वहीं से आएंगे, तो सनातनियों और भारतीयों का व्रत कैसे चलेगा? यह चिंता का विषय है।

विपक्ष के नेता ने जब चीन के मुद्दे पर विस्तृत जानकारी मांगी, तो भाजपा पीछे हट गई

अखिलेश यादव ने आगे कहा भाजपा हमेशा यह सुनिश्चित करने का प्रयास करती है कि चर्चाएं न हों। हमने देखा है कि जब विपक्ष के नेता और अन्य दलों ने चीन के मुद्दे पर विस्तृत जानकारी मांगी, तो भाजपा पीछे हट गई। हम दोहराते हैं कि हमें चीन के साथ अपने संबंधों पर हमेशा विचार-विमर्श करके निर्णय लेना चाहिए। राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमा सुरक्षा और हमारे संबंध, विशेष रूप से चीन के साथ, समय-समय पर अच्छे और बुरे रहे हैं। हमने अपनी ज़मीन खो दी है। देश को यह जानना चाहिए कि सशस्त्र बलों का इस बारे में क्या कहना है। हम न केवल चीन को ज़मीन खो रहे हैं, बल्कि अपना बाज़ार भी खो रहे हैं। तो हम किस दिशा में जा रहे हैं? अमेरिका के साथ हुआ समझौता कोई 'समझौता' नहीं, बल्कि एक 'ढील' है। हमने अपना पूरा बाज़ार उन्हें सौंप दिया है।" सनातनियों को यह सोचना होगा कि उनका व्रत 'सनातन' कैसे बना रहेगा। अगर दूध और अन्य उत्पाद वहीं से आने लगें तो सनातनी और भारतीय व्रत कैसे रखेंगे? यह चिंता का विषय है।

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