इश्क के पार: मां को प्रेमी के साथ हमबिस्तर देख पागल हो गया बेटा, दोनों को इस तरह से उतारा मौत के घाट...ऐसी घटना पहले नहीं पढ़ी होगी
सिरसा। जगह-सिरसा जिले का सिकंदरपुर थेहर गांव। समय-रात करीब 12 बजे के बाद। सन्नाटे में दबे पांव लेखराज अपनी प्रेमिका अंगूरी के घर पहुंच गया। वही लेखराज जिससे अंगूरी तकरीबन 15 वर्षों से प्यार करती थी। उस रात अंगूरी को क्या पता था कि इतनी लंबी मोहब्बत आज कितनी भयावह अंजाम पर पहुंचेगी। वह लेखराज के साथ हमबिस्तर हो गई। दोनों एक दूसरे की बांहों में लिपटे थे। आलम चरम पर था। तभी जोर के धक्के से दरवाजा खुला और गुस्से में वहां अंगूरी का बेटा राजकुमार पहुंच गया।
मां बेटे में हुआ संघर्ष
अंगूरी अपने कपड़े को संभालते हुए लेखराज के बाहु पाश से अलग हो पाती कि तभी राजकुमार अपनी मां को इस हाल में देख अपना होश खो बैठा। वह इस प्रेमी जोड़े पर टूट पड़ा। संघर्ष शुरू हो गया। चीखने चिल्लाने की आवाजें राजकुमार की पत्नी ने जब सुनी तो वह भी वहां पहुंच गई। सामने दृश्य यह था कि राजकुमार अपनी मां का गला दबा रहा था।
मां को मारने में पत्नी ने दिया साथ
अपनी आंखों के सामने के सीन को देखकर पत्नी ने माजरा समझ लिया था। शायद अंगूरी के इस प्रेम प्रसंग से वह भी काफी रंज में थी। उसने अपने पति का साथ दिया। दोनों ने मिलकर पहले तो चुन्नी से मां का गला घोंटा। फिर लेखराज को भी नहीं छोड़ा। उसे भी मौत के घाट उतार दिया।
दोनों की लाश को लेकर चल पड़ा
थोड़ी देर पहले तक जिस बिस्तर पर प्रेमी जोड़ा मोहब्बत में अंगड़ाई ले रहा था, अब वहां उनकी लाशें पड़ी थीं। बाहर एक पिकअप गाड़ी खड़ी थी। दंपति ने दोनों की लाशों को गाड़ी में डाली और पहुंच गए थाना। थाने में यह दृश्य देखकर पुलिस वाले सन्न रह गए। इस घटना की एफआईआर लेखराज के पिता के बयान पर दर्ज की गई।
राजकुमार की थी पिकअप गाड़ी
राजकुमार अपनी इस पिकअप गाड़ी से छोटा-मोटा व्यवसाय करता था। वीरवार की रात वह इस गाड़ी को घर के बाहर लगा रखा था। राजकुमार की बड़ी बेटी सात साल की है जबकि डेढ़ व पांच साल के दो बेटे हैं।
मां ने कहा नहीं है बेटी के मरने का गम
50 साल की अंगूरी की मां सुगरी बाई ने इस घटना पर कहा कि कई बार अंगूरी को समझाया था। लेकिन वह प्यार में पागल थी। उसने कहा कि उसे अंगूरी की मौत पर कोई दुख नहीं है। क्योंकि उसका प्यार अवैध था। हालांकि उसे इस बात की चिंता थी कि राजकुमार और उसकी पत्नी के जेल जाने के बाद उसके बच्चों का देखभाल कैसे होगा।
किसी की नहीं सुनती थी अंगूरी
अंगूरी का यह प्रेम प्रसंग जग जाहिर था। लेखराज की पत्नी और अंगूरी के पति समेत दोनों के परिवार के लोग लंबे समय से इसका विरोध जता रहे थे। इस प्रेम प्रसंग पर गांव में पंचायतें भी बैठीं। थाने तक भी बात गई। लेकिन इस प्रेमी जोड़े ने किसी की नहीं सुनी। अंतत: मोहब्बत का यह सफर हत्या पर जाकर ठहरी।