बोधगया: महाबोधि मंदिर जहां भगवान बुद्ध को हुआ था ज्ञान प्राप्त, जानें मुख्य आकर्षण और इतिहास
बोधगया, बिहार में स्थित महाबोधि मंदिर न केवल बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए बल्कि पूरी मानवता के लिए शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र है। इसी पावन स्थल पर लगभग 2,500 साल पहले राजकुमार सिद्धार्थ ने कठिन तपस्या के बाद 'बुद्धत्व' (ज्ञान) प्राप्त किया था।
मुख्य आकर्षण और इतिहास
पवित्र बोधि वृक्ष: मंदिर के पीछे वह ऐतिहासिक पीपल का पेड़ है, जिसकी छाया में बैठकर भगवान बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था। वर्तमान वृक्ष उसी मूल पेड़ की पीढ़ी का माना जाता है।
स्थापत्य कला: मुख्य मंदिर की ऊंचाई लगभग 180 फीट है। इसकी दीवारों पर बुद्ध के जीवन की घटनाओं को खूबसूरती से उकेरा गया है। यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया है।
वज्रासन: मंदिर के अंदर वह पत्थर का चबूतरा स्थित है जिसे 'पृथ्वी की नाभि' कहा जाता है। माना जाता है कि बुद्ध इसी पर आसीन थे।
वैश्विक महत्व
हर साल लाखों की संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर के चारों ओर विभिन्न देशों (जैसे जापान, थाईलैंड, श्रीलंका और म्यांमार) द्वारा निर्मित मठ और मंदिर भी इसकी शोभा बढ़ाते हैं, जो वैश्विक भाईचारे का संदेश देते हैं।