जनसुराज को कोर्ट से बड़ा झटका, दोबारा चुनाव कराने वाली खारिज हुई याचिका

Update: 2026-02-06 06:28 GMT

पटना। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी की उस याचिका को सुनने से इनकार कर दिया जिसमें 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव परिणामों को रद्द करने और नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की गई थी। कोर्ट ने रूख साफ करते हुए कहा कि वह किसी राजनीतिक दल के कहने पर पूरे राज्य के चुनाव को रद्द करने का निर्देश जारी नहीं कर सकता।

क्या था याचिका का आधार

जानकारी के मुताबिक जन सुराज पार्टी ने आरोप लगाया था कि चुनाव के दौरान 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' के तहत आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए करीब 25-35 लाख महिला मतदाताओं को सीधे 10,000 रुपये ट्रांसफर किए गए, जो 'भ्रष्ट आचरण' की श्रेणी में आता है।

कोर्ट का सख्त रुख

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की पीठ ने याचिका खारिज करते हुए पूछा, आपकी पार्टी को कितने वोट मिले? जब लोग आपको नकार देते हैं, तो आप लोकप्रियता के लिए न्यायिक मंच का रुख करते हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह किसी राजनीतिक दल के कहने पर पूरे राज्य के चुनाव को रद्द करने का निर्देश जारी नहीं कर सकता। यदि कोई शिकायत है, तो प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के लिए अलग से चुनाव याचिका (Election Petition) दायर की जानी चाहिए।

एक भी सीट नहीं जीत सकी थी जनसुराज

सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद पार्टी ने अपनी याचिका वापस ले ली। हालांकि, कोर्ट ने उन्हें अपनी शिकायतों के साथ पटना हाई कोर्ट जाने की अनुमति दी है। 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों में जन सुराज पार्टी ने 242 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उसे एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं हुई। 

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