प्रधानमंत्री के निमंत्रण के बाद यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान आज भारत दौरे पर, इन मुद्दों पर होगी चर्चा

दोनों देश संयुक्त राष्ट्र, ब्रिक्स और यूएई-फ्रांस-भारत त्रिपक्षीय मंच जैसे कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

Update: 2026-01-19 04:29 GMT

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री के निमंत्रण के बाद यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान आज भारत दौरे पर आ रहे हैं। राष्ट्रपति बनने के बाद यह नाहयान की भारत की तीसरी आधिकारिक यात्रा होगी, जबकि पिछले दस वर्षों में यह उनका पांचवां भारत दौरा है। दोनों देश एक-दूसरे के प्रमुख व्यापार और निवेश साझेदार हैं। 

यह दौरा दोनों देशों के संबंधों में लगातार बढ़ती नजदीकी को दिखाता है

 दोनों देशों के संबंधों में लगातार बढ़ती नजदीकी को दिखाता है। इस दौरे में भारत-यूएई रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने और क्षेत्रीय-वैश्विक मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी। सितंबर 2024 में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नहयान और अप्रैल 2025 में दुबई के क्राउन प्रिंस व यूएई के उप प्रधानमंत्री व रक्षा मंत्री हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम की भारत यात्रा शामिल है।

भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा

विदेश मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर राष्ट्रपति नाहयान की भारत का यह तीसरा आधिकारिक दौरा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति नाहयान भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने पर चर्चा करेंगे। साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान होगा, जिन पर दोनों देशों की सोच काफी हद तक समान है। राष्ट्रपति बनने के बाद यह नाहयान की भारत की तीसरी आधिकारिक यात्रा होगी, जबकि पिछले दस वर्षों में यह उनका पांचवां भारत दौरा है। यह यात्रा भारत और यूएई के बीच हाल के उच्चस्तरीय संपर्कों से बनी मजबूत गति को आगे बढ़ाएगी। भारत और यूएई के बीच राजनीतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक क्षेत्रों में मजबूत और बहुआयामी संबंध हैं। दोनों देश एक-दूसरे के प्रमुख व्यापार और निवेश साझेदार हैं। व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए), लोकल करेंसी सेटलमेंट (एलसीएस) प्रणाली और द्विपक्षीय निवेश संधि ने इन रिश्तों को और मजबूती दी है।

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