1 अप्रैल से आपकी सैलरी स्लिप में दिखेगा बड़ा बदलाव, जानें क्या-क्या...

1 अप्रैल 2026 से नया आयकर अधिनियम 2025 और नया लेबर कोर्ड लागू होने जा रहा है

By :  Aryan
Update: 2026-03-22 10:10 GMT

नई दिल्ली। नौकरीपेशा लोगों के लिए अहम खबर है। 1 अप्रैल 2026 से आपके हाथ में आने वाली सैलरी और टैक्स देने के तरीके में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। दरअसल, 1 अप्रैल 2026 से नया आयकर अधिनियम 2025 और नया लेबर कोर्ड लागू होने जा रहा है। इससे आपका सैलरी स्ट्रक्चर और टेक होम सैलरी में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव होंगे।

इनमें बदलाव होगा

नए लेबर कोड के मुताबिक, आपकी बेसिक सैलरी आके टोटल CTC का 50 परसेंट होनी चाहिए । अभी बहुत सी कंपनियां टैक्स बचाने के लिए बेसिक सैलरी को कम रखती हैं और HRA, Travel Allowance और Special Allowance जैसे भत्ते को 70-80 परसेंट तक बढ़ा देती हैं। लेकिन अब नए नियम के तहत कंपनियां सभी भत्तों को मिलाकर टोटल सैलरी के 50 परसेंट से अधिक नहीं रख पाएंगी।

पीएफ कटने का असर पड़ेगा होम सैलरी पर

पीएफ अधिक कटने का असर आपकी टेक होम सैलरी पर पड़ेगा. पीएफ ज्यादा कटने से हाथ में आने वाली सैलरी कुछ कम हो सकती है। हालांकि, यह कंपनियों के मौजूदा स्ट्रक्चर पर भी निर्भर करेगा। बेसिक पे 50 परसेंट रखने का असर इस बात पर तय होगा कि अभी आपकी कंपनी ने आपकी बेसिक सैलरी कितनी रखी है।

टैक्स में हो सकती है वृद्धि

बेसिक सैलरी बढ़ने से कुछ मामलों में टैक्स की देनदारी बढ़ सकती है। इनकम टैक्स नियम के मुताबिक, आपको मिलने वाली HRA छूट आपकी बेसिक सैलरी पर बेस्ड होती है। बेसिक सैलरी बढ़ने पर आपके किराए में से घटने वाला हिस्सा बेसिक पे का 10 परसेंट बढ़ जाएगा। इससे HRA की टैक्स छूट कम हो जाएगी।


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