राज्यसभा में पीएम मोदी ने कहा-युद्ध का प्रभाव लंबे समय तक रहने का संकट लेकिन सरकार सतर्क! देश में क्रूड ऑयल के पर्याप्त भंडारण का दावा

पीएम ने कहा- 41 देशों से उर्जा उत्पात का आयात, आत्यनिर्भर होना जरूरी

Update: 2026-03-24 08:56 GMT

नई दिल्ली। पीएम मोदी आज पश्चिम एशिया संकट को लेकर राज्यसभा में जानकारी दे रहे हैं। पीएम मोदी ने राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और उससे बनी परिस्थितियों से हम सभी परिचित हैं। मैं आज संसद के उच्च सदन और देशवासियों के सामने इन विकट परिस्थितियों पर सरकार का पक्ष रखने के लिए पेश हुआ हूं। इस युद्ध ने पूरे विश्व में ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। भारत के लिए भी ये स्थिति चिंताजनक है। इस युद्ध से व्यापार रास्ते प्रभावित हो रहे हैं और इससे एलपीजी, पेट्रोल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।

पश्चिम एशिया के राष्ट्राध्यक्षों के साथ दो बार बात की

युद्ध की शुरुआत के बाद से मैंने पश्चिम एशिया के राष्ट्राध्यक्षों के साथ दो बार बात की है। हम अमेरिका के भी संपर्क में हैं। हमारा लक्ष्य बातचीत के माध्यम से शांति स्थापित करने का है। हमने होर्मुज स्ट्रेट को खोले जाने पर भी उनसे बात की है। होर्मुज जैसे अहम शिपिंग मार्ग को बाधित किया जाना अस्वीकार्य है। भारत डिप्लोमैसी के जरिए युद्ध के इस माहौल में भी जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए सतत प्रयास कर रहा है। पीएम ने कहा कि पश्चिम एशिया की हालात चिंताजनक है। गैस, तेल की रुटीन सप्लाई प्रभावित हुई है।

अधिक भारतीय सुरक्षित भारत लौट चुके

युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 3 लाख 75 हजार से अधिक भारतीय सुरक्षित भारत लौट चुके हैं। ईरान से भी अभी तक एक हजार से अधिक भारतीय सुरक्षित वापस लौटे हैं। इनमें से 700 से अधिक मेडिकल की पढ़ाई करने वाले युवा हैं। हमारी सरकार संकट के इस समय में पूरी संवेदनशीलता से काम कर रही है। पीएम ने कहा कि ईरान से 1000 भारतीय सुरक्षित लौटे हैं। प्रभावित सभी देशों के साथ हमारे संबंध अच्छे हैं। देश में PNG कनेक्शन का काम हुआ है। पीएम ने कहा कि पहले 27 देशों से उर्जा उत्पाद होता था अब 41 देशों से हो रहा है। भारतीय की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।

होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं

पीएम नरेंद्र मोदी ईरान जंग ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है। इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है। इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है। गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं। उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है। होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं। उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं। यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है।

उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए

पीएम ने कहा कि ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए। हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं। हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं। हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है। भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है। 

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