माइक्रोसॉफ्ट- गूगल सहित 15 बड़ी अमेरिकी कंपनियां अब ईरान के निशाने पर! वैश्विक स्तर पर बढ़ी चिंता

Update: 2026-03-31 16:12 GMT

नई दिल्ली। खाड़ी देशों में लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है। इस बीच ईरान ने अमेरिका को लेकर बड़ा और सख्त संदेश दिया है। ईरान की सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने चेतावनी दी है कि अगर ईरानी नेताओं पर हमले जारी रहे, तो वह पश्चिम एशिया में अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाएगा। इस बयान से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है और वैश्विक स्तर पर चिंता गहरा गई है।

कार्यस्थलों से हटने की दी चेतावनी 

बता दें कि ईरान ने कहा है कि 1 अप्रैल से तेहरान समय के अनुसार रात 8 बजे के बाद अमेरिकी कंपनियों के ठिकानों पर हमले शुरू किए जा सकते हैं। भारत के समय के अनुसार यह रात 10:30 बजे होगा। ईरान ने कहा है कि हर हमले के बदले इन कंपनियों की यूनिट्स को तबाह किया जाएगा। साथ ही कर्मचारियों को तुरंत अपने कार्यस्थलों से हटने की चेतावनी भी दी गई है।

15 बड़ी अमेरिकी कंपनियों की सूची जारी

ईरान ने 15 बड़ी अमेरिकी कंपनियों की सूची जारी की है। इसमें माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एपल, इंटेल, आईबीएम, टेस्ला और बोइंग जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा डेल, एचपी, सिस्को, ओरेकल और जेपी मॉर्गन जैसी कंपनियों के नाम भी सामने आए हैं। इससे साफ है कि ईरान अब सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहना चाहता। 

 ये कंपनियां आईआरजीसी के निशाने पर

माइक्रोसॉफ्ट

गूगल

एपल

इंटेल

आईबीएम (इंटरनेशनल बिजनेस मशीन)

टेस्ला

बोइंग

डेल टेक्नोलॉजीज

हेवलेट पैकार्ड (एचपी)

सिस्को

ओरेकल

मेटा प्लेटफॉर्म्स (फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम)

जेपी मॉर्गन चेस

जनरल इलेक्ट्रिक

हेवलेट पैकार्ड एंटरप्राइज

वैश्विक स्तर पर होगा बड़ा नुकसान

दरअसल, अगर इन कंपनियों पर हमला होता है, तो इसका असर सिर्फ मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा। ये सभी कंपनियां वैश्विक स्तर पर काम करती हैं। ऐसे में आईटी, टेक्नोलॉजी और व्यापार पर बड़ा असर पड़ सकता है। इससे बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है और निवेशकों की चिंता भी बढ़ेगी। इस धमकी के बाद अमेरिका और उसके सहयोगियों की प्रतिक्रिया अहम होगी। अगर जवाबी कार्रवाई होती है, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। साफ है कि मध्य पूर्व में तनाव अब नए स्तर पर पहुंच चुका है और आने वाले दिन बेहद संवेदनशील हो सकते हैं।

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