दिल्ली-NCR में गर्मी के साथ बारिश ने इतने साल का तोड़ा रिकॉर्ड ! जानें कब तक बरसेगी बदरा

Update: 2026-03-31 17:31 GMT

नई दिल्ली। दिल्ली में पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिल रहा है। सोमवार को हुई बारिश की मौजूदगी आज भी देखने को मिली। वहीं दोपहर के समय मौसम पूरी तरह बदल गया। अचानक काले बादलों के साथ अंधेरा छा गया। ऐसा लग रहा था कि मानों दिन में काली घटा छा गई हो। इस दौरान कई जगहों पर तेज आंधी के साथ बारिश हुई। जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली।

चार साल का सबसे गर्म मार्च रहा

हालांकि दिल्ली में सामान्य से 15 प्रतिशत अधिक बारिश के बावजूद यह मार्च बीते चार साल का सबसे गर्म मार्च रहा है। न सिर्फ दिन बल्कि रात में भी गर्मी बढ़ी है। इस बीच पूर्वानुमान के अनुसार, अगले कुछ दिन अब तापमान तेजी से बढ़ेगा, जो 38 डिग्री तक पहुंच सकता है। इसके बाद तीन अप्रैल से मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। यह मार्च 2022 के बाद सबसे गर्म मार्च रहा है।

तीन साल बाद सबसे अधिक बारिश

दिल्ली में इस बार मार्च महीने में तीन साल बाद अच्छी बारिश देखने को मिली है। आंकड़ों के अनुसार, जहां साल 2024 में मार्च में केवल 4.3 मिमी और 2025 में महज 2 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, वहीं 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 19.82 मिमी तक पहुंच गया। हालांकि, यह बारिश सिर्फ दो दिनों में ही दर्ज की गई, लेकिन इसकी मात्रा पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक रही। मौसम में इस बदलाव से तापमान में हल्की गिरावट आई और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अनियमित बारिश जलवायु परिवर्तन के संकेत भी हो सकते हैं, जिस पर ध्यान देना जरूरी है।

दिल्ली में गरज चमक के साथ हो सकती है हल्की बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ 2 अप्रैल से उत्तर-पश्चिमी भारत को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में इसका असर 3 और 4 मार्च को देखने को मिल सकता है। ऐसे में मौसम विभाग ने 3 और 4 अप्रैल को दिल्ली में गरज चमक के साथ हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। इससे मौसम एकबार फिर सुहावना हो जाएगा। इस दिन दिल्ली में 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, इस सप्ताह यानी तीन अप्रैल तक अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस से आगे नहीं जाएगा।

भारत में अधिक लू के दिन रहेंगे

आईएमडी ने अपने मासिक पूर्वानुमान में बताया कि अप्रैल से जून के बीच देश के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक लू के दिन रहेंगे। पूर्वी, मध्य और उत्तर-पश्चिमी भारत में अधिक लू के दिन रहेंगे। दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीप में भी लू का प्रभाव अधिक होगा। इन महीनों में, देश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य रहेगा। कुछ जगह यह सामान्य से कम रहने की संभावना है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक होगा। मध्य भारत के पूर्वी हिस्से और आसपास के प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में भी तापमान अधिक रहेगा। गर्मियों में (अप्रैल-मई-जून) देश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहेगा। महाराष्ट्र और तेलंगाना के कुछ क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान सामान्य रहेगा। यह सामान्य से कम भी रह सकता है।

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