सूर्यास्त से पहले ही जला दें पूजा का दीपक, बरसती है लक्ष्मी जी की कृपा! जानें पूजा विधि और नियम

Update: 2025-11-28 02:30 GMT

नई दिल्ली। भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए अगर आप मां लक्ष्मी की भी पूजा करते हैं तो आपको दोगुना फल मिलता है। शास्त्रों में पैसों से जुड़ी परेशानियों को दूर करने के लिए मां लक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु की पूजा करना शुभ माना जाता है। यह मान्यता है कि सूर्यास्त से ठीक पहले या संध्याकाल में घर में दीपक जलाने से माँ लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है। इस समय को 'गोधूलि बेला' कहा जाता है, जिसे पूजा-पाठ के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

पूजा विधि और नियम

सही समय: दीपक सूर्यास्त से लगभग 15-20 मिनट पहले जलाना चाहिए, न कि अँधेरा होने के बाद। इस समय वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

स्थान: मुख्य रूप से दीपक घर के मुख्य द्वार के बाहर या तुलसी के पौधे के पास रखा जाता है। घर के मंदिर में भी एक दीपक जलाना चाहिए।

दीपक का प्रकार:

घी का दीपक जलाना सबसे उत्तम माना जाता है, क्योंकि घी को पवित्रता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इससे मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न होती हैं। यदि घी संभव न हो तो तिल के तेल का उपयोग किया जा सकता है। सरसों के तेल का उपयोग आमतौर पर नहीं किया जाता है, हालांकि कुछ मान्यताओं में इसे स्वीकार्य माना जाता है।

दिशा

दीपक की बत्ती (रुई) पूर्व दिशा की ओर होनी चाहिए। यह दिशा ज्ञान और आरोग्य प्रदान करती है। तुलसी के पास दीपक रखते समय बत्ती उत्तर या पूर्व दिशा में रखें।

बत्ती: हमेशा नई और साफ रुई की बत्ती का प्रयोग करें।

पवित्रता: दीपक जलाने से पहले हाथ-मुंह धोकर या स्नान करके शुद्ध वस्त्र पहनें।

मंत्र जाप: दीपक जलाते समय माँ लक्ष्मी का ध्यान करें और किसी भी लक्ष्मी मंत्र का जाप कर सकते हैं, जैसे:

"ॐ महालक्ष्म्यै नमः"

"शुभम करोति कल्याणम, आरोग्यम धन संपदा, शत्रु बुद्धि विनाशाय, दीपम ज्योति नमोस्तुते"

सावधानी: दीपक को कभी भी सीधे जमीन पर न रखें। उसे किसी प्लेट, स्टैंड या साफ कपड़े के ऊपर रखें। इन नियमों का पालन करते हुए नियमित रूप से संध्याकाल में दीपक जलाने से घर में शांति, समृद्धि और माँ लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।

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