पति-पत्नी की तरह 5 साल रहे, होटलों में रातें गुजारीं, महिला के आरोपों पर कलकत्ता हाईकोर्ट का बड़ा फैसला! सहमति से संबंध रेप के दायरे से बाहर...
हाईकोर्ट ने आरोपी के खिलाफ दर्ज केस रद्द कर दिया। इस मामले में जस्टिस चैताली चटर्जी की पीठ ने कहा कि दोनों साथ में घूमते थे और पति पत्नी की तरह रहे
कोलकाता। कलकत्ता हाईकोर्ट ने एक पुरुष पर महिला की ओर से लगाए गए दुष्कर्म के आरोपों के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। इस मामले में कोर्ट ने कहा है कि यदि शादी नहीं हो पाई है और किसी वजह से रिश्ता टूट गया है, तो केवल इस कारण से आपसी सहमति से बने शारीरिक संबंधों को दुष्कर्म नहीं माना जा सकता। अदालत में सुनवाई के दौरान कहा गया कि यदि शुरुआत से ही धोखा देने का इरादा होता तो बात अलग थी। जज ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों पति-पत्नी की तरह व्यवहार कर रहे थे, इससे दोनों की आपसी सहमति की झलक मिल रही है।
महिला ने जबरन गर्भपात का लगाया अरोप
जानकारी के अनुसार, हाईकोर्ट ने आरोपी के खिलाफ दर्ज केस रद्द कर दिया। महिला ने शख्स पर आरोप लगाया था कि उसने शादी का वादा कर महिला के साथ दुष्कर्म किया और जबरन गर्भपात भी कराया है। इस मामले में जस्टिस चैताली चटर्जी की पीठ ने कहा कि दोनों साथ में घूमते थे और पति पत्नी की तरह रहे। ऐसे में यह आपसी सहमति वाला संबंध नजर आता है। कोर्ट ने कहा कि महिला को किसी गलत इरादे के तहत यौन संबंध बनाने के लिए प्रेरित नहीं किया गया है।
महिला ने 5 सालों तक रिश्ता कायम रखा
इस मामले में जज ने आगे टिप्पणी की कि जो रिश्ता साल 2017 में शुरू होकर 2022 तक कायम रहा। इस रिश्ते के दौरान, दोनों ने शारीरिक संबंध बनाए और कई जगहों पर घूमे और कई होटलों में पति-पत्नी की भी तरह रहे। दोनों ने यह भी स्वीकार किया गया है कि महिला गर्भवती हो गई थी। इतना ही नहीं पीड़िता और आरोपी की सहमति से गर्भपात कराया गया था। जज ने आगे कहा कि आरोपी के खिलाफ कोई शिकायत करने के जगह महिला ने रिश्ता लंबे समय तक जारी रखा। ऐसे में किसी भी तरीके से यह साफ नहीं होता कि महिला बीते पांच या छह सालों से किसी भी तरह की गलतफहमी में जी रही थी।
महिला ने लगाए यह आरोप
दरअसल महिला ने आरोप लगाया था कि उसे कुछ पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया, लेकिन वह चुप रही क्योंकि आरोपी ने उससे शादी का वादा किया था। इसके बाद वे कई जगहों पर घूमने भी गए और इस दौरान संबंध भी बनाए। इस दौरान 2022 में महिला गर्भवती हुई, इस दौरान भी वो शादी के वादे के बाद गर्भपात कराने के लिए तैयार हुई थी। इसके बाद साल 2022 में जब आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया तो महिला ने 16 फरवरी 2022 में पश्चिम मिदनापुर में केस दर्ज कराया।