महाशिवरात्रि: देश के सभी मंदिरों में गूंज रहा है बम बम महादेव! जानें पूजन और जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त
मुकाबला जज्बात पर काबू पाने का है और बाहरी तथा भीतरी दबाव झेलने वाली टीम की विजयी रहेगी।
नई दिल्ली। महाशिवरात्रि पर देश के सभी मंदिरों में बम बम महादेव गूंज रहा है। अलग-अलग मंदिरों में बड़ी संख्या में भक्त जलाभिषेक करने पहुंचे।
हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि के पर्व का विशेष स्थान होता है। पंचांग के अनुसार, हर वर्ष फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का त्योहार मनाया जाता है। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भगवान शिव की विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना करने का खास महत्व होता है।
जलाभिषेक और कथा सुनने का महत्व
महाशिवरात्रि पर शिव आराधना, जलाभिषेक, मंत्रों का पाठ, व्रत और कथा सुनने का विशेष महत्व होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी को शाम 05 बजकर 04 मिनट से शुरू होकर 16 फरवरी की शाम 05 बजकर 34 मिनट तक चलेगी। आज महाशिवरात्रि पर शिव योग, सर्वार्थसिद्धि योग, आयुष्मान योग, सौभाग्य योग, शोभन योग, प्रीति योग, साध्य योग, शुक्ल योग, ध्रुव योग, वरियान योग और व्यतिपात जैसे योग बना हुआ है। वहीं महाशिवरात्रि पर बुधादित्य राजयोग, शुक्रादित्य राजयोग, नवपंचम राजयोग, लक्ष्मी नारायण, शुक्रादित्य और चतुर्ग्रही राजयोग का निर्माण हो रहा है। ज्योतिष में इस तरह के योग और राजयोग को बहुत ही शुभ माना जाता है।
सुबह 8:24 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक जलाभिषेक
महाशिवरात्रि पर सुबह 08 बजकर 24 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक जलाभिषेक कर सकते हैं। वहीं शाम को जलाभिषेक करने का शुभ मुहूर्त 06 बजकर 11 मिनट से लेकर 7 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। महाशिवरात्रि 2026 चार प्रहर पूजन मुहूर्त, पहला प्रहर पूजा का मुहूर्त-15 फरवरी को शाम 06.20 मिनट से लेकर रात 09. 20 मिनट तक रहेगा।दूसरा प्रहर पूजा का मुहूर्त-रात 09.21 से लेकर 12.21 मिनट तक। तीसरा प्रहर पूजा का मुहूर्त- रात 12.22 से लेकर 03.22 मिनट तक। चौथा प्रहर पूजा का मुहूर्त- रात 03. 23 से सुबह 06. 23 मिनट तक।