षटतिला एकादशी में 6 तरीकों से तिल का करें उपयोग, मिटेगा दुर्भाग्य, जानें पूरी विधि...
यह व्रत मुख्यतः भगवान विष्णु को समर्पित है और पापों के नाश व पुण्य की प्राप्ति के लिए किया जाता है।
षटतिला एकादशी हिंदू पंचांग की एक महत्वपूर्ण एकादशी है। यह माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। इस दिन तिल का विशेष महत्व होता है, इसलिए इसे षटतिला कहा जाता है। षटतिला मतलब छह प्रकार से तिल का प्रयोग करना। यह व्रत मुख्यतः भगवान विष्णु को समर्पित है और पापों के नाश व पुण्य की प्राप्ति के लिए किया जाता है। षटतिला एकादशी त्याग और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
तिल के छह प्रयोग (षटतिला):
तिल से स्नान
तिल का उबटन
तिल से हवन
तिल का दान
तिल का भोजन
तिल का सेवन/पान
व्रत विधि (संक्षेप में):
प्रातः स्नान कर व्रत का संकल्प लें। भगवान विष्णु की पूजा करें। विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। एकादशी के दिन तिल और गर्म कपड़ों का दान करें।