पंजाब चुनाव से पहले सियासत तेज, नवजोत सिद्धू ने किया नई पार्टी का ऐलान
चंड़ीगढ़। पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। दरअसल नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने अपनी नई पार्टी का ऐलान कर दिया है। पंजाब से हटाए जाने के बाद इस फैसले ने नया तुल पकड़ लिया है। साथ ही उनके बीजेपी में शामिल होने को लेकर चल रही अटकलों पर भी विराम लग गया है।
एक्स पर पोस्ट कर की घोषणा
सोमवार देर रात अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स से पोस्ट करते हुए डॉ. नवजोत सिद्धू ने इस बात की जानकारी दी। उन्होंने अपनी पार्टी का नाम रखा है- भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी। नवजोत सिद्धू ने पोस्ट में लिखा है कि वह लंबे समय से इंतजार कर रही थीं कि अपनी पार्टी का ऐलान कर सकें। उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रीय स्तर पर एक नए विकल्प पर काम कर रही हैं और अपना जीवन अपने देश के लिए समर्पित करना चाहती हैं, इसलिए इस पार्टी का ऐलान किया गया है।
हम राष्ट्रीय स्तर पर एक नए विकल्प पर काम कर रहे हैं
डॉ. नवजोत सिद्धू ने लिखा कि- बहुप्रतीक्षित घोषणा; राजनीतिक नेताओं के वर्तमान प्रदर्शन मानकों की सावधानीपूर्वक निगरानी और समीक्षा करने के बाद, हम राष्ट्रीय स्तर पर एक नए विकल्प पर काम कर रहे हैं। हम अपना जीवन अपने देश के लिए समर्पित करना चाहते हैं, ताकि जनता को वह सब कुछ वापस दे सकें जिसके वे हकदार हैं और हमसे अपेक्षा करते हैं। एक दैवीय हस्तक्षेप ने कुछ समान विचारधारा वाले व्यक्तियों को एक साथ लाया है, जिनमें प्रत्येक राज्य में न्याय, शांति प्रदान करने और प्रेम के माध्यम से उच्च चेतना की ऊर्जा से कार्य करने के साझा लक्ष्य के साथ काम करने की क्षमता, आत्मविश्वास, साहस और दृढ़ संकल्प है, और जो वाहेगुरु जी हमसे चाहते हैं, उसे पूरा करना है।
पंजाब को उसके खोए हुए गौरव को पुनः प्राप्त करने में मदद करेंगे
उन्होंने आगे लिखा- हम पंजाब को उसके खोए हुए गौरव को पुनः प्राप्त करने में मदद करेंगे, एक स्वर्णिम राज्य के रूप में, जहां लोग प्रेम, साझाकरण, न्याय, स्वतंत्रता के अधिकार और निस्वार्थ सेवा और आध्यात्मिक विकास के उद्देश्य से काम करने की शक्ति को जानते हैं, बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के अपने लक्ष्य, मूल्यों और दृष्टि को प्राप्त करने के लिए। पंजाब की जनता की, जनता के लिए और जनता द्वारा सरकार। सत्य और प्रेम के मार्ग पर चलने वाले आध्यात्मिक गुरुओं की सहायता से लोगों की घायल आत्माओं को शांति प्रदान करना, जो वाहेगुरु जी की भाषा है।