भारत-यूरोपीय संघ व्यापार को लेकर पीयूष गोयल ने कहा- ऐतिहासिक डील से दोनों पक्षों को होगा फायदा...

यह समझौता भारत और 27 देशों के व्यापारिक ब्लॉक के बीच होगा। इसलिए सरकार इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' और निर्यातकों के लिए 'सुपर डील' मान रही है।

Update: 2026-01-16 12:13 GMT

नई दिल्ली। भारत और 27 देशों के प्रभावशाली समूह यूरोपीय संघ के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इस प्रस्तावित समझौते को वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मदर ऑफ ऑल डील्स कहा है। बता दें कि गोयल ने यह बयान तब दिया है जब भारत अपनी निर्यात क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने के लिए बड़े आर्थिक क्षेत्रों के साथ रणनीतिक साझेदारी कर रहा है।

यह समझौता दोनों पक्षों को देगा फायदा

आज यानी शुक्रवार को पीयूष गोयल ने भरोसा जताते हुए कि कहा यह समझौता ऐतिहासिक होने के साथ दोनों पक्षों को एक जैसे फायदा देने वाला होगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच वर्तमान द्विपक्षीय व्यापार वस्तु और सेवा दोनों क्षेत्रों में उचित रूप से

यह निर्यात क्षेत्रों के लिए यह सुपर डील साबित होगी

पीयूष गोयल ने इस आगामी समझौते को भारतीय निर्यात क्षेत्रों के मद्देनजर इसे सुपर डील करार दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस समझौते से कपड़ा, चमड़ा, रत्न व आभूषण और इंजीनियरिंग जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों को यूरोपीय बाजारों में पहुंच बढ़ेगी।

यह होंगे समझौते के मुख्य बिंदु

जानकारी के अनुसार, यह समझौता भारत और 27 देशों के व्यापारिक ब्लॉक के बीच होगा। इसलिए सरकार इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' और निर्यातकों के लिए 'सुपर डील' मान रही है। इसका समझौते का मकसद वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार में बढ़ोतरी करना है।

भारत और यूरोपीय संघ के बीच वार्ता की प्रगति पर आधिकारिक पुष्टि की

इस मामले में कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने भी मीडिया को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत पिछले तीन महीनों से अंतिम चरण में है। उन्होंने बताया कि अब दोनों पक्ष समझौते के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। उनके मुताबिक कुछ मुद्दों पर अभी बातचीत जारी है और दोनों टीमें रोजाना वर्चुअल तौर पर संपर्क में हैं। 27 जनवरी को दोनों साझेदारों के बीच हस्ताक्षर होने की तैयारी है।


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