छात्रा की रैगिंग के बाद हुई मौत पर सुक्खू सरकार ने लिया एक्शन! आरोपी प्रोफेसर निलंबित, राष्ट्रीय महिला आयोग ने DGP को लिखा पत्र

Update: 2026-01-03 12:06 GMT

धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला की छात्रा की रैगिंग के बाद हुई मौत से ही बवाल मचा हुआ है। इस घटना ने राज्य में महिला सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में सीएम ने एक्शन लिया है। वहीं सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू के आदेशों पर आरोपी प्रोफेसर को निलंबित कर दिया गया है। शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किए गए। मामले की और विस्तृत जांच कॉल डिटेल के साथ की जाएगी।

प्रोफेसर को तुरंत प्रभाव से किया निलंबित

बता दें कि इससे पहले सीएम सुक्खू ने सुबह सोलन के कंडाघाट में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा था कि धर्मशाला में छात्रा ने अपने वीडियो बयान में जिस प्रोफेसर का नाम लिया है, उसे तुरंत प्रभाव से निलंबित किया जाएगा। प्रोफेसर को निलंबित करने के आदेश दे दिए हैं। कहा कि जो भी इसमें संलिप्त होगा, सरकार सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी।

जांच के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय ने गठित की कमेटी

छात्रा की मौत मामले में तथ्य खोज/प्रारंभिक जांच करने के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय ने अध्यक्ष समेत सदस्यों की समिति का गठन किया है। समिति शिक्षकों और कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा उत्पीड़न, यौन उत्पीड़न, रैगिंग और जाति संबंधी टिप्पणियों के सभी पहलुओं और कोणों को कवर करते हुए एक व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। समिति को तीन दिनों के भीतर निश्चित रूप से रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया जाता है।

रिकॉर्ड हासिल करने में कमेटी की मदद करेंगे

समिति में अतिरिक्त उच्च शिक्षा निदेशक(कॉलेज, डॉ. हरीश कुमार मानव संसाधन शिक्षा निदेशालय को अध्यक्ष, सरकारी कॉलेज ढलियारा की प्रिंसिपल डॉ. अंजू आर चौहान, सरकारी कॉलेज बैजनाथ के प्रिंसिपल डॉ. प्रदीप कुमार कौंडल और सरकारी कॉलेज के प्रिंसिपल नौरा डॉ. राजेश कुमार को सदस्य बनाया गया है। को जांच करने और संबंधित रिकॉर्ड हासिल करने में मदद करेंगे। उच्च शिक्षा निदेशालय में अधिक्षक ग्रेड-2 राकेश वर्मा इस जांच को करने और संबंधित रिकॉर्ड हासिल करने में कमेटी की मदद करेंगे।

दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग

छात्रा की मौत की निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग को लेकर सीपीआईएम ने जिलाधीश कार्यालय शिमला के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। वहीं मामले में विभिन्न संगठनों ने डीसी कार्यालय धर्मशाला के बाहर का प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रा के लिए न्याय और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।

रैगिंग निषेध नियमों के तहत कठोर कार्रवाई

राष्ट्रीय महिला आयोग ने छात्रा से रैगिंग, शारीरिक उत्पीड़न व यौन उत्पीड़न से जुड़ी इस घटना पर स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें 19 वर्षीय छात्रा की उपचार के दौरान मौत हो गई। आयोग अध्यक्ष ने प्रदेश पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर तत्काल प्राथमिकी पंजीकरण, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच, पोस्टमार्टम व चिकित्सीय अभिलेखों के संरक्षण तथा भारतीय न्याय संहिता 2023, यौन उत्पीड़न निरोधक कानूनों एवं रैगिंग निषेध नियमों के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।  

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