दुनिया की ऐसी जनजाति, जहां सिर्फ शादी के दिन नहाती हैं महिलाएं, जानिए क्या है कारण

Update: 2026-02-15 08:30 GMT

नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका के नामीबिया में रहने वाली हिम्बा जनजाति की महिलाएं अपने पूरे जीवन में केवल एक बार, अपनी शादी के दिन पानी से नहाती हैं। यह परंपरा पानी की भारी कमी और रेगिस्तानी जलवायु के कारण है। खुद को साफ रखने के लिए ये महिलाएं पानी की जगह 'धुआं स्नान' (smoke bath) का इस्तेमाल करती हैं।

हिम्बा जनजाति से जुड़ी कुछ खास बातें-

1. पानी से न नहाने का कारण- हिम्बा जनजाति जिस क्षेत्र में रहती है, वह बेहद शुष्क और मरुस्थलीय है। यहां पानी की अत्यधिक कमी होती है, इसलिए पानी का उपयोग केवल पीने और पशुओं के लिए किया जाता है। 

2. स्वच्छता का तरीका- महिलाएं पानी के बजाय 'धुएं से स्नान' करती हैं। वे एक खास बर्तन में जड़ी-बूटियां और कोयला जलाती हैं और उसके धुएँ से अपने शरीर को साफ रखती हैं। यह धुआं पसीने और बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करता है। 

3. ओटजिज का उपयोग- महिलाएं अपने शरीर और बालों पर 'ओटजिज़' नाम का मिश्रण लगाती हैं, जो मक्खन (बटर फैट) और गेरू (Ochre) के पाउडर से बना होता है। इसके कारण उनकी त्वचा लाल दिखाई देती है। यह लेप उन्हें तेज धूप से बचाता है, मच्छरों को दूर रखता है और त्वचा को साफ रखता है। 

 क्या वे वाकई कभी नहीं नहातीं?

यह कहना कि वे पूरे जीवन में केवल एक बार नहाती हैं, एक प्रचलित धारणा है। सांस्कृतिक परंपराओं के अनुसार, विशेष अवसरों (जैसे शादी) पर पानी का उपयोग प्रतीकात्मक हो सकता है, लेकिन रोज़मर्रा की जिंदगी में वे ओटजिज़ और धुएं के स्नान को ही प्राथमिकता देती हैं ताकि पानी की बचत हो सके। संक्षेप में, वे पानी से नहीं नहातीं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे खुद को साफ नहीं रखतीं; उनकी अपनी अनूठी स्वच्छता प्रणाली है।

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