वैभव सूर्यवंशी अब हो गए शाकाहारी! पिता ने बताया क्यों छोड़ा मटन-चिकन खाना? जानकर कहेंगे वाह क्या कुर्बानी है
नई दिल्ली। टीम इंडिया को आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप के स्टार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अक्सर किसी न किसी वजह से सुर्खियों में बने रहते हैं। इन दिनों वो राजस्थान रॉयल्स के ट्रेनिंग कैप में जमकर पसीना बहा रहे हैं। इस बीच खबर आई है कि वैभव ने नॉनवेज से तौबा कर ली है।
वैभव सूर्यवंशी ने क्यों छोड़ा मटन-चिकन खाना?
वैभव सूर्यवंशी ने अपने उस सपने को जीने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने मटन-चिकन खाना छोड़ दिया है। वैभव सूर्यवंशी के पिता संजीव सूर्यवंशी ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनके बेटे ने अब मटन-चिकन खाना छोड़ दिया है। इस बड़े फैसले की वजह वैभव की फिटनेस से जुड़ी है। टीम इंडिया की सीनियर टीम में जल्दी से जल्दी जगह बनानी है और उसके लिए 2028 में होने वाला टी20 वर्ल्ड कप खेलना है तो उसके लिए फॉर्म के साथ-साथ फिटनेस भी जरूरी है।
वैभव अब मांसाहारी से शाकाहारी हो गए हैं
वहीं उनके पिता ने कहा कि अब ये तो सभी को पता है कि वैभव को खाने में मटन-चिकन कितना पसंद है? वो बड़े चाव से मटन-चिकन खाया करते थे, लेकिन अब वो अपने पसंदीदा खाने को छोड़ने में जरा भी हिचक नहीं कर रहे। संजीव सूर्यवंशी ने बताया कि वैभव अब मांसाहारी से शाकाहारी हो गए हैं। उन्होंने अब मटन-चिकन खाना छोड़कर उसकी जगह दाल-हरी सब्जी खा रहे हैं। इंटरव्यू में पिता ने बताया कि वैभव अब मटन-चिकन नहीं पनीर ज्यादा खा रहे हैं।
आईसीसी की ओर से तय की गई उम्र सीमा
वहीं संजीव सूर्यवंशी ने टीम इंडिया की सीनियर टीम में जगह मिलने पर कहा कि उनका बेटा तैयार है। अब ये बीसीसीआई को तय करना है कि वो उसे कब मौका देती है। हालांकि, वैभव सूर्यवंशी के कोच मनीष ओझा पहले ही एक इंटरव्यू में दावा कर चुके हैं कि आईपीएल 2026 के बाद वैभव को भारत की टी20 टीम में मौका मिल सकता है। ऐसा होने की उम्मीद भी बन रही है, क्योंकि वैभव सूर्यवंशी उस समय तक 15 साल के हो चुके होंगे, जो कि इंटरनेशनल लेवल पर सीनियर टीम में खेलने की खिलाड़ी के लिए आईसीसी की ओर से तय की गई उम्र सीमा है।