ईरान में महंगाई के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन : 45 की मौत, इंटरनेट सेवा बंद, निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा को सत्ता देने की मांग तेज...

ईरान के विपक्षी नेता और निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने कहा कि मैं आजाद दुनिया के लीडर, प्रेसिडेंट ट्रंप को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने सरकार को जवाबदेह ठहराने का अपना वादा दोहराया।;

Update: 2026-01-09 06:47 GMT

नई दिल्ली। ईरान में महंगाई, बेरोजगारी और गिरती मुद्रा के खिलाफ पिछले 13 दिनों से चल रहा जनआंदोलन हिंसक हो गया है। तेहरान समेत 100 से ज्यादा शहरों में प्रदर्शन, आगजनी और नारेबाजी हुई। अब तक 45 लोगों की मौत हो चुकी है। ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान ने अपना एयरस्पेस भी बंद कर दिया और सेना को अलर्ट मोड पर रखा है। इसी कड़ी में ईरान के विपक्षी नेता और निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने प्रेसिडेंट ट्रंप को धन्यवाद कहा है।

विपक्षी नेता और निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने कहा 

ईरान के विपक्षी नेता और निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने कहा कि मैं आजाद दुनिया के लीडर, प्रेसिडेंट ट्रंप को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने सरकार को जवाबदेह ठहराने का अपना वादा दोहराया। अब समय आ गया है कि यूरोपियन लीडर्स समेत दूसरे लोग भी उनकी बात मानें और अपनी चुप्पी तोड़ें और ईरान के लोगों के सपोर्ट में और मजबूती से काम करें। मैं उनसे अपील करता हूं कि वह ईरानी लोगों से कम्युनिकेशन फिर से शुरू करने के लिए सभी टेक्निकल, फाइनेंशियल और डिप्लोमैटिक रिसोर्स का इस्तेमाल करें ताकि उनकी आवाज  सुनी जा सके। मेरे हिम्मती देशवासियों की आवाज को चुप न होने दें।

100 से ज्यादा शहरों में प्रदर्शन, सड़कों पर आगजनी

अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के बड़े शहरों तेहरान, मशहद, इस्फहान, शिराज और तबरीज में हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर सड़कों को ब्लॉक किया, वाहनों और सरकारी संपत्तियों में आग लगाई। खामेनेई को मौत और इस्लामिक रिपब्लिक का अंत जैसे नारे भी लगाए। देश के दूसरे सबसे बड़े शहर मशहद में राष्ट्रीय ध्वज फाड़ने की घटनाएं भी सामने आईं।

8 बच्चों समेत 45 की मौत

अमेरिकी मानवाधिकार एजेंसियों के अनुसार, अब तक इन प्रदर्शनों में 45 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 8 बच्चे शामिल हैं। छात्रों ने कई यूनिवर्सिटी कैंपस पर कब्जा किया। एक पुलिस अधिकारी की चाकू मारकर हत्या। 2,270 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया। कई शहरों में छात्रों और युवाओं पर बल प्रयोग। तेहरान में बाजार बंद रहे और छात्रों ने कई यूनिवर्सिटी कैंपस पर कब्जा कर लिया। 

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