मार्च में ही क्यों गर्मी दिखा रही है तेवर! जानें क्या तपन से मिल पाएगी राहत ?
11 मार्च का अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो सामान्य से 8.4 डिग्री ज्यादा है।
नई दिल्ली। मार्च की शुरुआत में ही गर्मी अपने तेवर दिखाती नजर आ रही है। अभी से ही तपन से लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। इस साल गर्मी रिकॉर्ड बना रही है। बता दें कि दिल्ली में इस शनिवार को अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस पहुंचा। यह पिछले 50 सालों में मार्च के पहले हफ्ते का सबसे गर्म दिन रहा। साथ ही 11 मार्च का अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो सामान्य से 8.4 डिग्री ज्यादा है।
मार्च में इतनी गर्मी क्यों पड़ रही?
-गुजरात और उसके आसपास के क्षेत्रों के ऊपर एक 'एंटी-साइक्लोन' तंत्र सक्रिय है। इसके कारण भूमि की ओर से सूखी और गर्म हवाएं चल रही हैं, जिससे समुद्री हवाएं (sea breeze) रुक गई हैं और तापमान में उछाल आया है। उत्तर भारत में सर्दियों के अंत और वसंत में बारिश और ठंडक लाने वाले पश्चिमी विक्षोभ इस बार सक्रिय नहीं हैं। इनके न होने से आसमान साफ है और चिलचिलाती धूप सीधे जमीन को गर्म कर रही है।
- बारिश न होने के कारण मिट्टी में नमी बिल्कुल नहीं है। नमी न होने से सूरज की तपिश पहले Evaporation में खर्च होने के बजाय सीधे सतह का तापमान बढ़ा रही है, जिससे गर्मी ज्यादा महसूस हो रही है।
- जलवायु परिवर्तन के कारण वैश्विक स्तर पर आधारभूत तापमान बढ़ रहा है। साथ ही, जुलाई के बाद अल नीनो की संभावित वापसी के संकेत अभी से तापमान को प्रभावित कर रहे हैं।
- आसमान साफ होने और उच्च वायुदाब के कारण हवाएं स्थिर हो गई हैं, जिससे गर्मी एक ही जगह कैद हो रही है।
भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर में लू जैसी स्थिति
मध्य प्रदेश में दिन के समय तापमान 39 डिग्री तक पहुंच गया है और आधे से ज्यादा हिस्से में पारा 35 डिग्री के ऊपर दर्ज किया जा रहा है। रतलाम में सोमवार को दिन का तापमान 39.2 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि खजुराहो, धार, गुना, दमोह, सागर, श्योपुर और मंडला में तापमान 38 डिग्री के ऊपर रहा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर में लू जैसी स्थिति हो गई है। ग्वालियर-उज्जैन में तापमान 37 डिग्री रहा, जबकि भोपाल, इंदौर और जबलपुर में भी पारा 36 से ऊपर रहा।
क्या गर्मी से मिल पाएगी राहत ?
IMD के महानिदेशक मृत्युंजय मोहपात्रा का कहना है कि तापमान काफी अधिक है और अगले दो से तीन दिनों तक ऐसा ही रहेगा। आने वाला पश्चिमी विक्षोभ तापमानों को कम करने का काम करेगा। मध्य और उत्तर-पूर्वी भारत में तापमान में 3-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। अगले हफ्ते महाराष्ट्र के क्षेत्रों में तापमान काफी हद तक स्थिर रहेगा।
जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। पूर्वोत्तर में, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में हल्की बारिश होने की संभावना है. बढ़ते तापमान से राहत मिल सकती है।