नई दिल्ली। बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। अब तक एक के बाद एक कई लोगों की हत्या हो चुकी है। लेकिन बांग्लादेश की युनुस सरकार इस पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। दरअसल, एक और हिंदू की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। जेस्सोर जिले के मोनिरामपुर में कट्टरपंथियों ने 45 वर्षीय राणा प्रताप बैरागी नाम के हिंदू युवक की सरेआम गोली मारकर जान ले ली।
घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल
बता दें कि पड़ोसी देश में चुनाव करीब हैं, लेकिन हिंदुओं पर अत्याचार की खबरें रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। वहीं राणा प्रताप बैरागी की हत्या को मिलाकर पिछले तीन हफ्ते में यह बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के लोगों के खिलाफ हुई 5वीं वारदात है। जानकारी के मुताबिक, राणा प्रताप बैरागी पर अचानक से हमला किया गया था। इस घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है।
शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राणा प्रताप के शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल हमलावरों की पहचान और हत्या के पीछे के मकसद का पता लगाया जा रहा है। इस घटना ने बांग्लादेश के कई हिस्सों में जारी विरोध प्रदर्शनों और बढ़ते तनाव के बीच एक बार फिर हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से समुदाय में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
खोकन चंद्र दास पर कट्टरवादी भीड़ ने चाकू से किया हमला
वहीं घटना की पुष्टि करते हुए मोनिरामपुर थाना प्रभारी राजिउल्लाह खान ने कहा कि हम मौके पर मौजूद हैं। शव को कब्जे में लेने और पोस्टमार्टम कराने की तैयारी की जा रही है। इससे पहले, बांग्लादेश के शरियतपुर जिले के दमुद्या उपजिले के कोनेश्वर यूनियन के केउरभांगा बाजार के पास नए साल की पूर्व संध्या यानी 31 दिसंबर, 2025 को एक हिंदू कारोबारी खोकन चंद्र दास पर एक कट्टरवादी भीड़ ने चाकू से हमला कर दिया और उसके बाद उन्हें आग के हवाले कर दिया था। आग से गंभीर रूप से झुलसने के बाद खोकन चंद्र दास का इलाज ढाका के नेशनल बर्न इंस्टीट्यूट में चल रहा था, जहां 3 जनवरी की सुबह उनकी मौत हो गई।