क्या आप भी हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट को समझते हैं एक समान, तो हो जाइये सावधान, जानें क्या है अंतर

Update: 2026-01-10 03:30 GMT

नई दिल्ली। आजकल लोग हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट को एक ही बीमारी समझ लेते हैं, लेकिन असल में मेडिकल सेक्टर में ये दोनों बिल्कुल अलग कंडीशन होती है। हार्ट अटैक रक्त प्रवाह की समस्या है, जहां हृदय की धमनी में रुकावट आती है, जबकि कार्डियक अरेस्ट (हृदयाघात) हृदय की विद्युत प्रणाली की खराबी है, जिससे दिल अचानक धड़कना बंद कर देता है, जो कि एक अलग स्थिति है। हार्ट अटैक में दिल धड़कता रहता है पर कमजोर, कार्डियक अरेस्ट में धड़कन रुक जाती है और तुरंत सीपीआर (CPR) व डिफिब्रिलेशन (defibrillation) न मिले तो जानलेवा होता है, और अक्सर हार्ट अटैक से कार्डियक अरेस्ट हो सकता है, लेकिन सभी कार्डियक अरेस्ट हार्ट अटैक के कारण नहीं होते।

हार्ट अटैक (Heart Attack)

कारण: हृदय की मांसपेशियों तक खून पहुंचाने वाली धमनी (रक्त वाहिका) में रुकावट, जिससे ऑक्सीजन की कमी होती है और हृदय के ऊतक क्षतिग्रस्त होते हैं।

समस्या: रक्त संचार की समस्या।

लक्षण: सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, पसीना आना, बेचैनी, जो कई घंटों तक रह सकते हैं।

स्थिति: दिल धड़कता रहता है, लेकिन ठीक से खून पंप नहीं कर पाता।

कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest)

कारण: हृदय की electrical malfunction के कारण दिल का अचानक धड़कना बंद कर देना।

समस्या: विद्युत प्रणाली की विफलता।

लक्षण: अचानक गिर जाना, बेहोशी, नाड़ी और सांस रुक जाना, कोई प्रतिक्रिया न देना।

स्थिति: दिल पूरी तरह धड़कना बंद कर देता है, जिससे मस्तिष्क और अंगों तक खून नहीं पहुँचता।

मुख्य अंतर

- हार्ट अटैक एक 'ब्लॉकेज' है, कार्डियक अरेस्ट एक 'शॉक' है।

- हार्ट अटैक चेतावनी संकेत दे सकता है (जैसे सीने में दर्द), जबकि कार्डियक अरेस्ट अचानक होता है और कोई चेतावनी नहीं देता।

- हार्ट अटैक से कार्डियक अरेस्ट हो सकता है, लेकिन दोनों एक नहीं हैं; कार्डियक अरेस्ट के अन्य कारण भी हो सकते हैं।

क्या करें?

दोनों ही जानलेवा हैं और इनमें तुरंत मेडिकल मदद (आपातकालीन नंबर पर कॉल) और सीपीआर (CPR) की ज़रूरत होती है, खासकर कार्डियक अरेस्ट में। 

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