एपस्टीन विवाद: दिल्ली HC से केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी हिमायनी को अंतरिम राहत, सोशल मीडिया से हटाएं विवादास्पद सामग्री
नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी हिमायनी पुरी को अंतरिम राहत देते हुए उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर मौजूद विवादास्पद सामग्री को हटाने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा ने निर्देश दिया है कि हिमायनी पुरी को अमेरिकी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जोड़ने वाली "झूठी और मानहानिकारक" पोस्ट, वीडियो और अन्य सामग्री को 24 घंटे के भीतर हटा दिया जाए।
मानहानि का मुकदाम दर्ज कर 10 करोड़ के हर्जाने की मांग की
कोर्ट ने X , गूगल, यूट्यूब, मेटा (फेसबुक/इंस्टाग्राम) और लिंक्डइन जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को इस मानहानिकारक कंटेंट को हटाने के निर्देश जारी किए हैं। हिमायनी पुरी ने इन आरोपों के खिलाफ 10 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग करते हुए मानहानि का मुकदमा दायर किया है। उन्होंने तर्क दिया कि उन्हें निशाना इसलिए बनाया गया क्योंकि वह एक केंद्रीय मंत्री की बेटी हैं।
व्यावसायिक या व्यक्तिगत संबंध थे
अदालत ने माना कि ये पोस्ट मानहानिकारक हैं और यदि इन्हें तुरंत नहीं हटाया गया, तो याचिकाकर्ता की प्रतिष्ठा को "अपूरणीय क्षति" हो सकती है। कोर्ट ने फिलहाल केवल भारत में इस कंटेंट को ब्लॉक करने या हटाने का आदेश दिया है जबकि वैश्विक स्तर पर इसे हटाने के पहलू पर विचार किया जाना अभी बाकी है। बता दें कि यह विवाद तब शुरू हुआ जब फरवरी 2024 से सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट्स ने दावा करना शुरू किया कि हिमायनी पुरी के एपस्टीन या उनकी आपराधिक गतिविधियों के साथ व्यावसायिक या व्यक्तिगत संबंध थे, जिन्हें उन्होंने पूरी तरह से निराधार बताया है।