बालों का झड़ना सिर्फ सौंदर्य से जुड़ा मुद्दा नहीं, यह आपके शरीर के आंतरिक संकेतों को दर्शाता है, जानें क्या
हालिया आंकड़ों के अनुसार, लगभग 40% महिलाएं 50 वर्ष की आयु तक पहुंचते-पहुंचते बालों के पतले होने या झड़ने का अनुभव करती हैं।
नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में महिलाओं में बालों का झड़ना एक गंभीर समस्या बनकर उभरा है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, लगभग 40% महिलाएं 50 वर्ष की आयु तक पहुंचते-पहुंचते बालों के पतले होने या झड़ने का अनुभव करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल सौंदर्य से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि अक्सर शरीर के आंतरिक संकेतों को दर्शाता है।
बाल गिरने का मुख्य कारण
चिकित्सकों के अनुसार, महिलाओं में बाल झड़ने के पीछे कई जटिल कारक हो सकते हैं।
हार्मोनल बदलाव: पीसीओएस (PCOS), गर्भावस्था और रजोनिवृत्ति (Menopause) के दौरान होने वाले बदलाव सबसे बड़े कारण हैं।
पोषण की कमी: भारतीय महिलाओं में आयरन (एनीमिया), विटामिन B12 और विटामिन D की कमी आम है, जो सीधे बालों की जड़ों को कमजोर करती है।
तनाव और जीवनशैली: अत्यधिक मानसिक तनाव 'टेलोजन एफ्लुवियम' नामक स्थिति पैदा करता है, जिससे अचानक बाल झड़ने लगते हैं।
केमिकल ट्रीटमेंट: बार-बार हेयर कलरिंग, स्ट्रेटनिंग और हार्ड शैंपू का इस्तेमाल बालों के टेक्सचर को नष्ट कर देता है।
बचाव और समाधान
डर्मेटोलॉजिस्ट्स कुछ जरूरी कदम उठाने की सलाह देते हैं। जिन्हें अपनाकर आप बालों को रिरने से बचा सकते हैं।
संतुलित आहार: अपनी डाइट में प्रोटीन (दालें, अंडे), ओमेगा-3 और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें।
सही देखभाल: सल्फेट-मुक्त शैंपू का प्रयोग करें और गीले बालों में कंघी करने से बचें।
मेडिकल चेकअप: यदि बाल गुच्छों में गिर रहे हैं, तो तुरंत थायराइड और फेरिटिन टेस्ट कराएं।