SBI ने किया दावा! दूसरी तिमाही में GDP rate 7.5% तक रहने के आसार

एसबीआई ने कहा कि इसका सारा श्रेय त्योहारी सीजन की मांग में तेजी को और कम जीएसटी दरों को जाता है।;

Update: 2025-11-18 15:00 GMT

नई दिल्ली। एसबीआई ने आगामी वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में भारत की जीडीपी का दर करीब 7.5 प्रतिशत होने का अनुमान लगाया है। भारतीय स्टेट बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, इससे निवेश की गतिविधियों में तेजी आएगी। इसके अलावा जीएसटी में संशोसधन से अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

संशोसधित जीएसटी से सेवा और विनिर्माण दोनों क्षेत्रों में सुधार की उम्मीद

जानकारी के मुताबिक, सेवा और विनिर्माण दोनों क्षेत्रों में तेजी से संरचनात्मक सुधार हो रहा है। इससे अर्थव्यवस्था को बल मिल रहा है। जीएसटी सुधार के असर से मांग में भी वृद्धि हुई है।

इन क्षेत्रों में भी आई तेजी

रिपोर्ट के अनुसार, कृषि उद्योग और अन्य सेवाओं में उल्लेखनीय तेजी आई है। उपभोगता एवं मांग में वृद्धि के प्रमुख संकेत मिलने से हिस्सेदारी 70 प्रतिशत से बढ़कर दूसरी तिमाही में 83 प्रतिशत हो गई। इस तरह की आर्थिक गतिविधियों से व्यापक सुधार के संकेत मिल रहे हैं।

नवंबर माह में कुल जीएसटी 2.0 लाख करोड़ रुपये को कर सकती है पार

राजकोष के हिसाब से नवंबर में सकल घरेलू जीएसटी संग्रह करीब 1.49 लाख करोड़ रुपये हो सकता है। इससे सालों-साल 6.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज होती है। वहीं आयात पर संग्रहित आईजीएसटी और उपकर से प्राप्त 51,000 करोड़ रुपये को शामिल किया गया है। नवंबर माह में कुल जीएसटी प्राप्तियां 2.0 लाख करोड़ रुपये को पार कर सकती हैं।

त्योहारी सीजन जीएसटी सुधार से मांग में आई तेजी

एसबीआई ने कहा कि इसका सारा श्रेय त्योहारी सीजन की मांग में तेजी को और कम जीएसटी दरों को जाता है। बैंक ने आगे कहा कि कई राज्यों में सकारात्मक लाभ होने की संभावना है।

खर्चों का ब्योरा

जानकारी के मुताबिक, इसके शुरुआती लक्षण क्रेडिट और डेबिट कार्ड से खर्च करने के पैटर्न से सामने आए हैं। क्रेडिट कार्ड के उपयोग से ऑटो, किराना स्टोर, इलेक्ट्रॉनिक्स और यात्रा आदि में, विशेष रूप से ई-कॉमर्स क्षेत्र में काफी वृद्धि दर्ज की गई है।



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