परहेज के बाद भी शुगर क्यों रहता है हाई ? बचाव के लिए करें ये उपाय

Update: 2026-02-03 03:30 GMT

परहेज के बावजूद सुबह की शुगर (Fasting Blood Sugar) हाई रहने के मुख्य रूप से दो वैज्ञानिक कारण होते हैं। शरीर की यह आंतरिक प्रक्रिया आपके खान-पान से हटकर काम करती है।

डॉन फिनॉमेनन (Dawn Phenomenon)

यह सबसे आम कारण है। सुबह के समय (करीब 4 से 8 बजे के बीच) हमारा शरीर जागने और दिनभर की ऊर्जा के लिए खुद को तैयार करता है। इस प्रक्रिया में शरीर कॉर्टिसोल, ग्लूकागन और ग्रोथ हार्मोन रिलीज करता है। ये हार्मोन लिवर को खून में शुगर छोड़ने का संकेत देते हैं। डायबिटीज के मरीजों में इंसुलिन इस बढ़ी हुई शुगर को कंट्रोल नहीं कर पाता, जिससे सुबह की रीडिंग हाई आती है।

सोमोजी इफेक्ट (Somogyi Effect)

इसे 'रिबाउंड हाइपरग्लाइसीमिया' भी कहते हैं। यदि रात में सोते समय आपका शुगर लेवल बहुत कम (Hypoglycemia) हो जाता है, तो शरीर बचाव के लिए अचानक काउंटर-रेगुलेटरी हार्मोन रिलीज करता है जो शुगर को तेजी से बढ़ा देते हैं। नतीजतन, सुबह उठने पर शुगर लेवल बढ़ा हुआ मिलता है।

अन्य महत्वपूर्ण कारण

इंसुलिन रेजिस्टेंस

रात भर शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति कम संवेदनशील हो जाती हैं, जिससे लिवर से निकलने वाली शुगर कम नहीं हो पाती।

खराब नींद और तनाव

पर्याप्त नींद न लेना या मानसिक तनाव कॉर्टिसोल लेवल को बढ़ाता है, जो सीधे फास्टिंग शुगर को प्रभावित करता है।

दवा की टाइमिंग

यदि आपकी दवा या इंसुलिन का असर सुबह होने से पहले ही खत्म हो जाता है, तो शुगर बढ़ सकती है।

क्या करें?

रात का खाना

सोने से कम से कम 2-3 घंटे पहले हल्का भोजन करें और रात के खाने के बाद 15 मिनट टहलें।

शुगर की जांच

यह जानने के लिए कि कारण 'डॉन फिनॉमेनन' है या 'सोमोजी इफेक्ट', रात को करीब 2 से 3 बजे के बीच एक बार शुगर चेक करें। यदि उस समय शुगर बहुत कम है, तो यह सोमोजी इफेक्ट हो सकता है।

डॉक्टर से सलाह

अपने डॉक्टर से मिलकर इंसुलिन या दवा की डोज और टाइमिंग को एडजस्ट करवाएं।

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